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केदारनाथ पर नहीं लगेगा बैन, गुजरात-उत्तराखंड HC में याचिका खारिज

सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत स्टारर फिल्म केदारनाथ को गुजरात हाईकोर्ट से राहत मिली है. बुधवार को कोर्ट ने फिल्म को बैन करने की याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने PIL को याचिकाकर्ता की तरफ से पब्लिसिटी स्टंट बताया है. साथ ही 5000 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है. बता दें, मूवी को देशभर में 7 दिसंबर को रिलीज किया जा रहा है . इसे अभिषेक कपूर ने डायरेक्ट किया है. चीफ जस्टिश ए एस दवे और जस्टिस बिरेन वैष्णव की डिविजन बेंच ने जनहित याचिका को खारिज किया है. इंटरनेशनल हिंदू सेना के अध्यक्ष प्रकाश राजपूत में याचिका दायर की थी. उनका आरोप था कि केदारनाथ मूवी हिंदुओं की भावनाओं को आहत करती है. मूवी में मुस्लिम लड़के को हिंदू लड़की के प्यार में पड़ते हुए दिखाया गया है. इसलिए इसे बैन किया जाना चाहिए. याचिकाकर्ता को सारा-सुशांत के बीच फिल्माए गए किसिंग सीन पर भी आपत्ति थी. उत्तराखंड HC का भी बैन से इंकार दूसरी तरफ, उत्तराखंड सरकार ने भी केदारनाथ पर बैन लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता स्वामी दर्शन भारती को कहा कि वे अपनी शिकायत लेकर रुद्रप्रयाग क...

कैसा है ये भांग का अर्क़: दवा या दारू?

वेप ऑयल, दर्द-निवारक क्रीम, पैच , मिठाइयां, कैप्सूल और दूसरे कई यौगिक- अमरीका में आप इनके नाम लीजिए और ये हाज़िर हो जाएंगे. भांग की पत्तियों के रस से निकाले जाने वाले कैनबिडियॉल, जिसे सीबीडी (CBD) के नाम से जाना जाता है, से बनाए गए उत्पाद हर जगह मिलते हैं. इनसे सभी तरह की बीमारियों के इलाज का दावा किया जाता है. मांसपेशियों के दर्द और घबराहट से लेकर जोड़ों के दर्द, मिरगी और तनाव से पैदा होने वाली बीमारियों में इनका इस्तेमाल हो रहा है. सीबीडी मार्केट रिसर्च कंपनी ब्राइटफ़ील्ड का अनुमान है कि अगले साल तक इसका बाज़ार 5.7 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. 2022 तक यह 22 अरब डॉलर हो जाएगा. ब्राइटफ़ील्ड की रिसर्च डायरेक्टर बेथनी गोमेज़ कहती हैं कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी चार्लोट्स वेब होल्डिंग्स 2016-17 में 172 फ़ीसद की दर से बढ़ी. 2018 में यह 8.9 करोड़ डॉलर मुनाफ़ा कमाने की राह पर है. सॉफ्ट ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनी कोका-कोला ने कहा है कि वह वेलनेस पेय की एक सामग्री के रूप में ग़ैर-साइकोएक्टिव सीबीडी पर बारीकी से नज़र रख रही है. इस पर और टिप्पणी करने के बीबीसी कैपिटल के अनुरोध का उत...

पटाखों की बिक्री पर रोक नहीं, लेकिन रात 8 से 10 बजे के बीच ही कर सकेंगे आतिशबाजी: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में पटाखों की बिक्री पर रोक नहीं लगाई, लेकिन इनके लिए कुछ शर्तें जरूर लगा दीं। शीर्ष अदालत ने तय डेसिबल से ज्यादा लिमिट वाले पटाखों की फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी ई- कॉमर्स वेबसाइट्स पर बिक्री रोकने को कहा। कोर्ट ने यह भी कहा कि कम प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की ही बाजारों में बिक्री हो और दीपावली जैसे त्योहारों पर रात 8 से 10 बजे के बीच ही आतिशबाजी की जाए । क्रिसमस, न्यू ईयर और शादी जैसे माैकों पर रात को कुछ देर के लिए आतिशबाजी की जा सकती है , लेकिन इस दौरान भी कम प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे ही जलाएं जाएं। खासकर क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक 35 मिनट के लिए आतिशबाजी की जा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिए अपने फैसले में कहा कि अगर तय लिमिट से बड़े पटाखों की ऑनलाइन बिक्री होती है तो संबंधित कंपनियों पर अवमानना की कार्यवाही की जाएगी । प्रशासन द्वारा तय किए गए लाइसेंसी बाजारों या दुकानों पर कम प्रदूषण वाले पटाखों की बिक्री हो सकेगी। अगर किसी इलाके में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री होती है तो इ...